अमौरा की ऐतिहासिक रामलीला में राम राज्याभिषेक के अवसर पर हुआ ‘श्रवण कुमार’ नाटक का भावपूर्ण मंचन।
कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय ने दर्शकों को किया भावविभोर, रामलीला समिति ने लीलाकर्मियों एवं सहयोगियों को किया सम्मानित
अमौरा (गाजीपुर)। गाजीपुर जनपद की सेवराई तहसील अंतर्गत अमौरा गांव की ऐतिहासिक रामलीला में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के पावन अवसर पर ‘श्रवण कुमार’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से माता-पिता के प्रति सेवा, समर्पण, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणादायक संदेश दिया गया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
नाटक में श्रवण कुमार की अपने नेत्रहीन माता-पिता के प्रति अगाध श्रद्धा, उनकी सेवा और कर्तव्यपरायणता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। वहीं, महाराज दशरथ और श्रवण कुमार से जुड़े प्रसंगों ने दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ी। नाटक ने दर्शकों को माता-पिता की सेवा और उनके प्रति अपने दायित्वों का बोध कराया।
नाटक में श्रवण कुमार की भूमिका प्रिंश सिंह, पिता की भूमिका अवनीश उपाध्याय, माता की भूमिका रितिक यादव तथा महाराज दशरथ की भूमिका तपन प्रताप सिंह ने निभाई। इसके अतिरिक्त वेदप्रकाश उपाध्याय, शुभम तिवारी, सुशांत सिंह और भोलू पाल सहित अन्य कलाकारों ने भी अपने अभिनय से मंचन को प्रभावशाली बनाया। कार्यक्रम का मंच संचालन मनोज गुप्ता ने किया।
भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के पश्चात रामलीला समिति की ओर से रामलीला में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी लीलाकर्मियों एवं सहयोगकर्मियों को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलाकारों और सहयोगियों के योगदान की सराहना की गई। समिति ने रामलीला की गौरवशाली परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने तथा गांव की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में सभी के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
अमौरा की ऐतिहासिक रामलीला वर्षों से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देती आ रही है। राम राज्याभिषेक के साथ श्रवण कुमार नाटक का आयोजन इस परंपरा को और समृद्ध करने वाला रहा। कार्यक्रम ने जहां भगवान श्रीराम के आदर्श राज्य की परिकल्पना को जनमानस के समक्ष रखा, वहीं श्रवण कुमार के चरित्र के माध्यम से माता-पिता की सेवा और पारिवारिक संस्कारों की महत्ता को भी रेखांकित किया।
