भारतीय जन महासभा ने मनाई वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) की महानायिका एवं अदम्य साहस की प्रतीक झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती हिंदी पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी, शनिवार को भारतीय जन महासभा के अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने अपने आवास पर मनाई। इसी क्रम में संस्था की सचिव निशा वाणी ने भी अपने कार्यालय में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

गत मंगलवार, 3 नवंबर को श्री पोद्दार अपने वाराणसी प्रवास के दौरान अस्सी चौराहा स्थित उस स्थान पर पहुंचे, जिसे रानी लक्ष्मीबाई का मायका माना जाता है। वहां उन्होंने रानी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
श्री पोद्दार ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई के मायके पक्ष के सभी वंशजों को अंग्रेजों ने मार दिया था। रानी का बचपन का नाम मनु तथा पूरा नाम मणिकर्णिका था। उन्होंने बताया कि उनकी जन्मस्थली पर हिंदी तिथि के अनुसार जयंती मनाई जाती है, जबकि कुछ संस्थाओं के लोग 19 नवंबर को भी वहां पहुंचकर उनकी जयंती मनाते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जन्मस्थली के केयरटेकर हरिहर गौड़ जी से प्राप्त हुई।

इसके अतिरिक्त झारखंड के पाकुड़ में कृष्णा कुमार साहा एवं अदिति कुमारी तथा महाराष्ट्र के भंडारा में लव कुमार सिंह ने भी रानी लक्ष्मीबाई की जयंती मनाई।
इस प्रकार भारतीय जन महासभा के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस, शौर्य एवं राष्ट्रभक्ति का स्मरण किया।
